कभी हंसी भी होगी
कभी उदासी भी होगी
निराशा की घनघोर
बदली में
आशा की कहीं
रौशनी भी होगी
कभी लड़खड़ाते
कदम भी होंगे
कभी डबडबाती
आंखे भी होंगी
आंसुओं से भीगी
पलकों के पीछे
कहीं मुस्कुराते
सपने भी होंगे।
ज़िंदगी के डगमगाते
रास्तों में,
भावनाओं का उतार
चढ़ाव भी होगा
थक जाओ अगर
दुनियावी झंझटो से
सुस्ताने को कहीं
पड़ाव भी होगा
इस ब्लॉग में आप पाएंगे मेरी लिखी हुई कविताएं, कहानियाँ और शायरियाँ, जो भावनाओं, जीवन के अनुभव और दिल की बातें बयां करती हैं। हर पोस्ट में आपको सुकून और आत्मा को छूने वाला अनुभव मिलेगा। On this blog, you will find my original poems, stories, and shayari reflecting emotions, life experiences, and heartfelt thoughts. Each post offers a touch of serenity and soulful expression for every reader.
सोमवार, 15 दिसंबर 2025
हर दिन एक साथ थोड़े ही होगा
हर दिन एक सा
थोड़े ही होगा
सोमवार, 1 दिसंबर 2025
मत कहो मुझसे
अगर मैं दुःख में हूं,
तो मुझे दुःखी ही रहने दो।
अगर मैं रोना चाहती हूं,
तो मुझको जी भरकर
रोने दो।
मुझसे मत कहो
कि मैं मुस्कुराऊं,
आंसुओं को होंठों के
नीचे दबा कर।
मत थोपो मुझपर
ये सांसारिक
निर्दय औपचारिकताएं,
जिनको निभाने के लिए
मैं अपना वजूद खो दूं।
मत कहो मुझसे कि
मैं घोर निराशा के अंधकार में
आशा का दीपक जला दूं—
जो हैं ही नहीं, उससे
संसार को प्रत्यक्ष करा दूं।
बस इतनी-सी स्वतंत्रता दे दो मुझे
कि मैं, मैं बन कर जी लूं।
मत कहो मुझसे कि मैं
अपने मनोभावों को दबा दूं,
अपने चेहरे पर
छद्म भावों की
परत चढ़ा दूं।
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